मैंने ‘धन’ से कहा कि, “तुम तो सिर्फ कागज के इक टुकड़े हो” धन मुस्कुराया और बोला “बिल्कुल…….मैं एक कागज का टुकड़ा हूँ …… लेकिन मेरी अहमियत तुमसे ज्यादा है, तुमसे कहीं ज्यादा मुझे प्यार मिलता है, मेरे लिए लोग लड़ने मरने के लिए तैयार रहते हैं, मुझे संभाल कर रखा जाता है” Main Chup tha ...