कोई व्यक्ति कितना ही महान क्यों न हो, आँखें मूंदकर उसके पीछे न चलिए। यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती तो वह हर प्राणी को आँख, नाक, कान, मुंह और मस्तिष्क आदि क्यों देता ? ~ विवेकानंद
कोई व्यक्ति कितना भी महान क्यों न हो, आँखें मूंदकर उसके पीछे मत चलिए ! यदि ईश्वर की ऐसी ही मंशा होती, तो वह हर प्राणी को आँख, नाक, कान, मुंह, मस्तिष्क आदि क्यों देता ?