Voice of Ethics

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नैतिकता की आवाज को तर्क, बुद्धि और चातुर्य
शांत नहीं कर पाते। नैतिकता भी चेतना का ही अंग है,
जो किसी कृत्रिम प्रयत्न का परिणाम नहीं,
वरना जीवात्मा के लम्बे समय के संस्कार,
अभ्यास और सृष्टि में काम कर रहे दैवी
विधान का व्यापक नियम है।

                   ~ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य


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